समीक्षा :: ‘तख़्तापलटः तीसरी दुनिया में अमेरिकी दादागिरी’ जाने-माने पत्रकार-इतिहासकार विजय प्रशाद की अंग्रेजी किताब ‘वॉशिंगटन बुलेट्स’…
विधाएँ
कविताएँ :: प्रत्यूष चन्द्र मिश्रा ताकत मैं एक पहाड़ के पास गया और पाया कि अगाध करुणा…
उद्धरण :: महात्मा गांधी शरीर का सुख कैसे मिले, यही आज की सभ्यता ढूँढती है, और वो…
कविताएँ :: पार्वती तिर्की करम चंदो (करम के मौसम में खिलने वाले चाँद को ‘करम चंदो’ कहा…
समीक्षा :: दिव्या श्री देवेश पथ सारिया युवा कवि, कथेतर गद्य लेखक होने के साथ विश्व कविताओं…
लेख :: अंत का दृश्य और अदृश्य : अंचित नींद के तंग आकाशों की जमी हुई गर्द…
कविताएँ :: गोलेन्द्र पटेल जोंक रोपनी जब करते हैं कर्षित किसान; तब रक्त चूसते हैं जोंक! चूहे…
लेख :: अंत का दृश्य और अदृश्य : अंचित सब जानते हैं पासों का पलटना तय है…
पाठ :: प्रभात प्रणीत हमारे दर्शन, यथार्थ और स्वप्न स्वाभाविक तौर पर हमें, हमारी मनःस्थिति को अपने…
चार्ल्स बुकोविस्की की कविताएँ : अनुवाद एवं प्रस्तुति : तनुज 16 अगस्त 1920 को मशहूर अमेरिकी-जर्मन कवि…
