मैं मेराडोना हूँ

कविता ::
प्रशांत विप्लवी

प्रशांत विप्लवी

बोलीविया और कोस्टारिका के लोगों
मैं मेराडोना हूँ

आश्वस्त रहो
मुझ पर विश्वास करो
मैं उन तमाम देशों का भी प्रतिनिधित्व करता हूँ
जिन्हें फुटबॉल खेलने से रोका जाता है
जिन्हें फुटबॉल से प्यार है
जिनके खून में ये खेल दौड़ता है
जिनके पास सपने हैं और गोल दागने वाले मजबूत पैर

देखो मैं वही मेराडोना हूँ
जिसे कुल एक सौ तिरपन बार घेरकर गोल पोस्ट के पास गिराया गया
इसलिए जब भी मौका मिलेगा
मैं जवाब दूंगा

तुम हैंड बॉल पर मुझे अपमानित करने की कोशिश में जुटे रहो
मैं तुम्हारे अभेद्य रक्षा पंक्ति को भेदकर
सदी का सर्वश्रेष्ठ गोल भी दाग दूंगा
और जब उस हैंड बॉल पर फिर सवाल करोगे
मैं बेख़ौफ़ बता दूंगा -वो हैंड ऑफ गॉड था
और तुम हैरानी में ये तय करना भूल जाओगे
कि भगवान का आशय मेराडोना से कैसे हो सकता है भला

लैटिन अमेरिकी  देशों का मैं वह अधिनायक हूँ
जो महज़ एक बॉल से तुम्हें अपदस्थ कर सकता है

फिदेल से मैं प्यार करता हूँ
फिदेल की हरेक बात मुझे पसंद है
देखो मेरा जादुई बायां पैर
जहाँ फिदेल गुदा हुआ है
देखो मेरा दाहिना हाथ
मेरा हमवतन चे खुदा हुआ है
मेरे दो महबूब मेरे ही जिस्म में उकेरे हुए हैं

हां मैं फुटबॉल का चे हूँ
हां मैं तुम्हारे साम्राज्यवादी शक्तियों को चुनौती देने वाला विश्व के गरीब-गुरबों का अधिनायक हूँ
हां मैं नशेड़ी हूँ  स्त्री गामी हूँ

क्योंकि तुम्हारे पास उतने मजबूत पैर नहीं थे
तुम्हारे पास थीं एक सफल अधिनायक को परास्त करने के लिए
ललचाने वाली कुछ अप्सराएं
और मदहोश करने के लिए कोकीन
लातिन अमरीका के पुर्तगालियों और स्पेनियों ने
धर्म लादकर हमारे लोक को विछिन्न करना चाहा था

देखो, हमारे लोग सम्बा गाते हुए फुटबॉल खेल रहे हैं
मैं मेराडोना हूँ
और तुमसे भिड़ने फिर आऊंगा
क्योंकि मैं एक योद्धा भी हूँ.

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प्रशांत विप्लवी चर्चित कवि और अनुवादक हैं. उनसे bsatesprashant@gmail.com पर बात हो सकती है. 

About the author

इन्द्रधनुष

जब समय और समाज इस तरह होते जाएँ, जैसे अभी हैं तो साहित्य ज़रूरी दवा है. इंद्रधनुष इस विस्तृत मरुस्थल में थोड़ी जगह हरी कर पाए, बचा पाए, नई बना पाए, इतनी ही आकांक्षा है.

3 comments

  • बहुत अच्छी कविता – चे,फिदेल के बाद मेराडोना भी लैटिन अमेरिकी संघर्ष का एक प्रतीक है।प्रशांत जी ने उस रूपक को पकड़ा है,बधाई।