उद्धरण ::
टोनी मोरिसन
अनुवाद और प्रस्तुति : उत्कर्ष

मैं अपने छात्रों से कहती हूँ, जब तुम्हें वो नौकरियां मिलती हैं जिसके लिए तुम सभी ने इतनी तैयारी की है तो यह याद रखो कि तुम्हारा असली काम है, अगर तुम आज़ाद हो तो तुम्हें किसी और को मुक्त करने की जरुरत है. अगर तुम्हारे पास थोड़ी भी शक्ति है तो तुम्हारा काम किसी और को सशक्त करना है.

-नवम्बर २००३, द ओपरा पत्रिका में प्रकाशित एक साक्षात्कार में. 

दमनकारी भाषा हिंसा का प्रतिनिधित्व करने से कहीं अधिक स्वयं हिंसा है, और ज्ञान की सीमाओं का प्रतिनिधित्व करने से ज्यादा स्वयं ज्ञान को ही सीमित करती है. 

-नोबल व्याख्यान में.

भाषा ही हमें अनाम चीजों के भय से बचाती है. भाषा ही निरंतर ध्यान है.

-नोबल व्याख्यान में.

मैं किसी और की निर्मिति नहीं करना चाहती, मैं स्वयं का निर्माण करना चाहती हूँ.

-उपन्यास ‘सुला’ (१९७३) में 

हमने जूनून को हिंसा, फुर्सत को अकर्मण्यता मानने की गलती की और सोचा कि यह लापरवाही ही स्वतंत्रता थी.

-‘द ब्लुएस्ट स्काई’ में. 

अगर कोई  किताब है जो तुम पढ़ना चाहती हो लेकिन वह अभी तक लिखी नहीं गयी हो तो तुम्हें इसे जरूर लिखना चाहिए. 

क्रोध…यह एक पंगु बना देने वाला भाव है…आप इससे कुछ भी संभव नहीं करा सकते. लोग ऐसा सोचते हैं कि यह एक दिलचस्प, उत्साहपूर्ण और प्रदीप्त कर देनेवाला एहसास है – पर मुझे नहीं लगता कि यह इनमें से कोई भी है. यह असहाय कर देने वाला…यह नियन्त्रण का न होना है. और मुझे अपने सभी कौशल, अपने सभी नियन्त्रण, अपनी समूची शक्तियों की जरूरत है…और क्रोध इनमें से कुछ भी मुझे नहीं देता. मुझे इससे कोई फायदा है ही नहीं. 

-सी.बी.एस रडियो को दिए एक साक्षात्कार में, १९८७.

तुम किसी इंसान का स्वामित्व नहीं प्राप्त कर सकती. तुम वह नहीं खो सकती जो तुम्हारे पास नहीं है. मान लो कि तुमने उसपर अधिकार प्राप्त कर लिया, तो क्या वाकई तुम ऐसे व्यक्ति से प्रेम कर सकोगी जो तुम्हारे बगैर कुछ था ही नहीं ? क्या तुम सचमुच ऐसा कोई चाहती हो ? जो तुम्हारे दरवाजे से बाहर निकलते ही पूरी तरह बिखर जाए ? तुम ऐसा नहीं चाहती, है न ? और न ही वह ऐसा चाहता है. तुम अपनी सारी ज़िन्दगी उसकी ओर मोड़ रही हो. अपनी पूरी ज़िन्दगी, लड़की. और अगर तुम्हारे लिए इसका मतलब इतना सा ही है कि तुम इसे यूँ ही दे देना चाहती हो, उसे सौंप देना चाहती हो, तब उसके लिए भी इसका मतलब क्यों ज्यादा रहेगा? वह उससे ज्यादा महत्व तुम्हें नहीं दे सकता है, जितना महत्व तुम खुद को देती हो.”

-‘सॉंग ऑफ़ सॉलोमन ‘में.

प्रेम कभी भी प्रेम करनेवाले से बेहतर नहीं होता.

-‘द ब्लुएस्ट आई’ में.

“अकेलापन, यही ना?
हाँ, पर मेरा अकेलापन मेरा है. अब तुम्हारा अकेलापन किसी और का है. किसी और का बनाया हुआ और तुम्हें दे दिया गया. क्या ये ऐसा कुछ नहीं है? एक बासी इस्तेमाल किया हुआ अकेलापन.”

-‘सुला ‘में.

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टोनी मोरिसन (फ़रवरी 18, 1931 – अगस्त 5, 2019) बीसवीं सदी के उतरार्द्ध में विश्वपटल पर मानवीय सम्वेदनाओं और स्वतंत्रता की मजबूत आवाज बनकर उपस्थित हुईं और इक्कीसवीं सदी के लिए उन्होंने अपनी अभिव्यक्ति और रचनाओं के माध्यम से इतना  सशक्त मार्गदर्शन प्रस्तुत कर दिया है कि उसके समक्ष  दासता बहुत छोटा शब्द प्रतीत होता है. यह अमेरिकी उपन्यासकार एक कुशल और सक्षम प्राध्यापिका रही हैं. उन्हें साहित्य में अपनी महत्तम योगदान के लिए नोबल पुरस्कार और पुल्तिजर पुरस्कार से नवाजा गया. साथ में, अमेरिकी सरकार ने  सामाजिक सरोकारों में उनकी सक्रियता  के लिए उन्हें प्रेसिडेंसियल मेडल ऑफ फ्रीडम से भी सम्मानित किया है.

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