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यही वह शहर है जो तुमने खो दिया

कविता :: कैरोलिन फोर्चे अनुवाद : अंचित इल्या कमिन्स्की यूक्रेनियन-अमेरिकी कवि हैं. कैरोलिन फोर्चे अमेरिकी कवि हैं और यह कविता उनके संग्रह “इन द लेटनेस ऑफ़ द वर्ल्ड: पोअम्ज़” से ली गयी है.    “निर्वासन”: इल्या कमिन्स्की के लिए तुम्हारे बचपन का शहर, जैसे उठता है घास के मैदानों और समंदर के बीच से, गेहूँ और रौशनी के बीच से, बिलकुल सफ़ेद, सीपियों की धूल, तारे गिनने वालों और पाइपफ़िश की हड्डियों से...

सारे आकर्षण रौशनी और परछाईं से बने हैं

उद्धरण :: लियो टॉलस्टॉय अनुवाद एवं प्रस्तुति : उत्कर्ष लियो टॉलस्टॉय [१८२८-१९१०] रूस के महानतम लेखक माने जाते हैं और विश्व के महानतम विचारकों और लेखकों में से एक, टॉलस्टॉय को उनके महत्तम उपन्यासों जैसे ‘वॉर एन्ड पीस’, ‘अन्ना कैरेनिना’, ‘द डेथ ऑफ इवान इलीच’, ‘रीसरेक्शन’ आदि के लिए आज भी याद किया जाता है। मुख्यतः ‘वॉर एन्ड पीस’ और...

लड़कियाँ कोई मशीन नहीं हैं

स्त्री संसार :: उद्धरण : सिल्विया प्लाथ अनुवाद, चयन एवं प्रस्तुति : प्रिया प्रियदर्शिनी सिल्विया प्लाथ एक अमेरिकी कवि, उपन्यासकार और लघुकथा लेखिका हैं। प्लाथ २० वीं सदी की सबसे आकर्षक लेखिका हैं। वे ‘कनफेशनल पोएट्री’ के आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में सामने आईं और अक्सर एक महत्वपूर्ण स्त्रीवादी लेखिका के रूप में सम्मानित की जाती हैं। ‘द कोलोसस एंड अदर पोएम्स’ और ...

Riding on the Weakest Horse of Hope

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Poems :: Rajesh Joshi Translation : Anchit One of the major names in contemporary Hindi poetry, Rajesh Joshi’s poems are known for their distinct style and their understanding of historical processes. His poems speak truth to power and challenge the established systems of exploitations. His poetry is of hope and human perseverance showcasing human will and the ability to struggle. He won the...

छोटी-छोटी लहरों पर तैरते हुए

मात्सुओ बाशो के कुछ हाइकु :: अनुवाद एवं प्रस्तुति : अमित तिवारी मात्सुओ बाशो (1644-94) एक महान जापानी कवि थे जो हाइकु काव्य विधा के जनक माने जाते हैं। ये एडो युग के सबसे प्रख्यात कवि रहे हैं। इनका जन्म एक समुराई परिवार में हुआ था। बचपन का नाम मात्सुओ किनसाकू था जो बड़े होने पर मात्सुओ चुएमॉन मुनेफुसा हुआ। 1680 में उनके एक शिष्य ने उन्हें बाशो यानी केले का पेड़ उपहार में दिया जिसके बाद वे बाशो नाम...

देह कोई वस्तु नहीं है

स्त्री संसार :: उद्धरण : सिमोन द बोउवा अनुवाद, चयन एवं प्रस्तुति : स्मृति चौधरी सिमोन द बोउवा फ्रेंच अस्तित्ववादी दार्शनिक, लेखक, सामाजिक सिद्धान्तकार, और स्त्रीवादी थीं जिन्होंने बीसवीं सदी में स्त्रीवादी आंदोलन को एक नया रूप दिया। उन्होंने आधुनिक स्त्रीवादी आंदोलन की नींव रखी। उनकी किताब ‘द सेकंड सेक्स‘ औरतों को इतिहास में मिले निम्न दर्जे और पितृसत्ता की आलोचना करती है। सिमोन...

समुद्र अपनी नाभी में एक घंटी बांधे हुए है

स्त्री संसार :: कविताएँ : ऐन सेक्सटन अनुवाद, चयन एवं प्रस्तुति : प्रकृति पार्थ अमेरिकी कवयित्री ऐन सेक्सटन का जन्म 9 नवंबर, 1928 में हुआ। वे अमेरिका की प्रसिद्ध कन्फेशनल कवियों में से एक हैं। पूरी उम्र अवसाद से जूझती रही ऐन की कविताओं में उनके निजी जीवन में संघर्ष के वर्णन के साथ साथ एक औरत की बेधड़क पुकार और बिना तोड़े-मोड़े स्वीकारे जाने की इच्छा दिखाई पड़ती है। उनकी कविताएँ स्त्री के विभिन्न...

मुझे नफरत है उन पुरुषों से जो स्त्री की ताक़त से डरते हैं

न से नारी :: उद्धरण : अनाईस नीन अनुवाद एवं प्रस्तुति : सृष्टि अनाईस नीन एक फ्रेंच – क्यूबन – अमेरिकन लेखिका थीं। इन्होंने ज़्यादातर डायरी और जर्नल की विधा में काम किया। नीन साहित्य जगत में अपने प्रेमकाव्य की वजह से भी बहुत जानी जाती हैं। उनकी कृतियों में ‘डेल्टा ऑफ़ वीनस’, द डायरी ऑफ़ अनाईस नीन’, ‘हेनरी एंड जून’ आदि प्रमुख हैं. इनकी मृत्यु कैंसर की वजह से...

एक पुरानी पाण्डुलिपि

कहानी :: फ्रांज़ काफ़्का हिंदी अनुवाद : श्रीविलास सिंह  ऐसा लगता है कि हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था में बहुत बातों की अनदेखी की गयी है। अभी के पहले तक इस बात के प्रति हम स्वयं कभी चिंतित नहीं हुए थे और अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे; लेकिन उन बातों ने, जो हाल में घटित हो रहीं थीं, हमें परेशान करना शुरू कर दिया है। सम्राट के महल के सामने स्थित चौराहे पर मेरी जूते गांठने की दूकान है। अभी भोर की...

उस उदासीन महिला के लिए

न से नारी :: कविता : शार्लट परकिंस गिलमैन अनुवाद, चयन और प्रस्तुति : सृष्टि शार्लट अमेरिका से आती हैं. उन्होंने कई कहानियां लिखी है, पर उनकी सबसे ज्यादा लोकप्रिय कहानी है , “दी येलो वॉलपेपर”.   इस कहानी में उन्होंने एक ऐसी महिला के बारे में ज़िक्र किया है जो मानसिक रूप से बीमार है और जिसका पति इस बात से बिल्कुल ही लापरवाह है.  स्त्रीवाद की दुनिया में शार्लट ने एक नए तरह का काम किया और...