• मुख्यपृष्ठ
  • संपादकीय
  • विधाएँ
    • कविता
    • कहानी
    • कथेतर
    • अनुवाद
    • उद्धरण
    • नए पत्ते
    • लोक भाषा
    • कविता-भित्ति
    • स्त्री-संसार
    • English Literature
  • परिचय
  • रचनाएँ भेजें
  • संपर्क
इंद्रधनुष
  • मुख्यपृष्ठ
  • संपादकीय
  • विधाएँ
    • कविता
    • कहानी
    • कथेतर
    • अनुवाद
    • उद्धरण
    • नए पत्ते
    • लोक भाषा
    • कविता-भित्ति
    • स्त्री-संसार
    • English Literature
  • परिचय
  • रचनाएँ भेजें
  • संपर्क

Press ESC to close

Or check our Popular Categories...
कविता कथेतर अनुवाद नए पत्ते English Literature विश्व कविता

कविता

121   Articles

121

कथेतर

67   Articles

67

अनुवाद

39   Articles

39

नए पत्ते

37   Articles

37

English Literature

32   Articles

32

उद्धरण

27   Articles

27

कहानी

21   Articles

21

कविता-भित्ति

13   Articles

13

स्त्री-संसार

12   Articles

12

संपादकीय

10   Articles

10

लोक भाषा

7   Articles

7

मैं अपने मूल से जुड़ी हुई हूँ

नवम्बर 3, 2023
नवम्बर 3, 2023

स्त्री-संसार ::
वर्जिनिया वुल्फ़ के कुछ उद्धरण :
चयन, अनुवाद एवं प्रस्तुति : सृष्टि

उद्धरणस्त्री-संसार
इंद्रधनुष
Continue Reading

हमारे होने से बहुत दूर

नवम्बर 2, 2023
नवम्बर 2, 2023

कविताएँ ::
आसित आदित्य

कविता
इंद्रधनुष
Continue Reading

एक ना भुलाए जा सकने वाली स्त्री का प्यार

अक्टूबर 29, 2023
अक्टूबर 29, 2023

कविताएँ :
सुमित झा

कविता
इंद्रधनुष
Continue Reading

व्यक्ति नहीं व्यवस्था का दस्तावेज़

अक्टूबर 16, 2023
अक्टूबर 16, 2023

समीक्षा ::
नैतिक

कथेतर
इंद्रधनुष
Continue Reading

मैं वह सारे लेखक हूँ जिन्हें मैंने पढ़ा है

अक्टूबर 9, 2023
अक्टूबर 9, 2023

जॉर्ज लुई बोर्हेस के कुछ उद्धरण ::
अनुवाद और प्रस्तुति : उत्कर्ष

उद्धरण
इंद्रधनुष
Continue Reading
Previous Page 15 of 78 Next

विश्व कविता

मुझे शब्द चाहिए वतन होने के लिए

जनवरी 4, 2026

नैतिकता कवि-दिल के लिए एक गोली की तरह है

दिसम्बर 1, 2025

बेसहारा इस नवीन युग के खोखलेपन में

नवम्बर 8, 2025

पहाड़ी झील बिना रुके धुआँ उड़ाती है

नवम्बर 2, 2025

मैं सरल चीज़ों के पीछे छिपता हूँ

अगस्त 29, 2025

कुंजियाँ

ग़ज़लनए पत्तेकथेतरसाक्षात्कारगद्यडायरीकहानीभोजपुरीमैथिलीफ़िल्म-समीक्षापढ़तसंपादकीयकविता-भित्तिअंग्रेजी-साहित्यपुस्तक-समीक्षास्त्री-संसारकहानीउद्धरणविश्व कवितानए-पत्तेअनुवादलेखकविता

यूट्यूब पर

राजेश कमल सुचर्चित कवि हैं। 'अस्वीकार से बनी काया' शीर्षक से उनका एक काव्य-संग्रह प्रकाशित-प्रशंसित है। इंद्रधनुष की इस प्रस्तुति में यहाँ उनकी तीन कविताएँ (१. जयंती २. मेरा नायक ३. ईश्वर) कवि के स्वर में प्रस्तुत है।
राजेश कमल की कविताएँ | Rajesh Kamal
Subscribe

सब्सक्राइब करें

हमारे नए पोस्ट पाने के लिए अपना ई-मेल यहाँ लिखें :

कविता-भित्ति

मरा हूँ हज़ार मरण

अगस्त 20, 2023

सब जीवन बीता जाता है

अगस्त 13, 2023

आशाओं से भरे हृदय भी छिन्न हुए हैं

जुलाई 2, 2023

यहाँ जुड़ें

Twitter Follow me!

Facebook Follow me!

Instagram Our photos!

Telegram Follow me!

इंद्रधनुष

इंद्रधनुष

साहित्य के सब रंग

समाज में तेज़ी से विविधताओं और प्रतिरोध की विभिन्न संस्कृतियों पर हमले बढ़े हैं और साहित्य समेत सभी कलाओं पर राजसत्ता का प्रभाव क़ाबिज़ होता जा रहा है। जो स्वीकृति का तिरस्कार करता है उसे मिटा दिया जाता है। ऐसे में सच को सच की तरह कहना, संस्कृतियों के भीतर मौजूद अंतर्विरोधों को व्यापक रूप से समझना-देखना और शोषक तंत्रों की कारगुज़ारियों को साहित्यिक अन्वेषणों से उजागर करना और इन तंत्रों की मनमानियों की आलोचना ही इंद्रधनुष का उद्देश्य है। दर्ज करना और याद रखना।


Powered by Zwantum