कोरोना साहित्य :: कहानी : फणीश्वर नाथ रेणु महामारी में साहित्य को देखने-समझने-पढ़ने के कॉंटेक्स्ट काफ़ी बदले हैं. पुराने साहित्य को भी नयी दृष्टि से देखा जा सकता है. रेणु की यह कहानी उसी का एक उदाहरण है. उनकी तीक्ष्ण…
न से नारी :: उद्धरण : चिमामंडा गोज़ी अडिची अनुवाद और प्रस्तुति : सृष्टि चिमामंडा गोज़ी अडिची सुप्रसिद्ध अफ्रीकी लेखिका हैं। उन्होंने अपनी किताबों में बहुत सी अहम बातों का ज़िक्र किया है। उन्होंने लोगों के भाषा को प्रयोग करने…
सम्पादकीय :: प्रभात प्रणीत संस्था प्रमुख महोदय, नमस्कार आशा है कोविड संक्रमण से मुक्त होने के बाद आप अब पूर्ण स्वस्थ होंगे. कल आपको एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते देखकर अच्छा लगा, आप उन खुशनसीबों में से हैं जो…
कोरोना-साहित्य :: कविताएँ : संजय कुंदन इतनी रोशनी इतनी रोशनी लेकर क्या करें जो चुंधिया रही आंखें जिसमें नहीं दिखता कोई रास्ता मुट्ठी भर लोगों को बहुत-बहुत रोशनी चाहिए योद्धा इसमें अपनी कीर्ति की कौंध देखते हैं थैली शाह निहारते…
न से नारी :: उद्धरण : कमला भसीन अनुवाद और प्रस्तुति : प्रकृति पार्थ कमला भसीन ( जन्म : 24 अप्रैल 1946) एक भारतीय नारीवादी कार्यकर्ता, कवि, लेखिका तथा सामाजिक विज्ञानी हैं। लैंगिक असमानता की प्रकृति एवं कारणों को समझना…
