सम्पादकीय :: प्रभात प्रणीत पाँच वर्ष पूर्व आज ही के दिन इंद्रधनुष ने अपनी यात्रा शुरू की थी। न्यूनतम साधन और एक छोटी टीम के साथ की गई इस यात्रा के दौरान आप सभी का जो प्रेम हमें प्राप्त हुआ…
कविता-भित्ति :: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ (21 फरवरी 1896 – 15 अक्तूबर 1961) हिंदी के अत्यंत महत्वपूर्ण कवियों में से हैं। इस जन्मतिथि को लेकर अनेक मत हैं, लेकिन इस पर विद्वतजन एकमत हैं कि 1930 से निराला…
मनोहर श्याम जोशी के कुछ उद्धरण :: ‘असम्भव’ के आयाम में ही होता है प्रेम-रूपी व्यायाम। जो एक-दूसरे से प्यार करते हैं वे लौकिक अर्थ में एक-दूजे के लिए बने हुए होते नहीं। …गाँठ पर लगी गाँठ के लिए हिंदी…
कविता-भित्ति :: जयशंकर प्रसाद जयशंकर प्रसाद (30 जनवरी 1889 – 15 नवम्बर 1937) समादृत कवि-कहानीकार-नाटककार हैं। प्रसाद छायावाद के आधार स्तम्भों में से एक हैं। ‘उर्वशी’, ‘झरना’, ‘चित्राधार’, ‘आँसू’, ‘लहर’, ‘कानन-कुसुम’, ‘करुणालय’, ‘प्रेम पथिक’, ‘महाराणा का महत्त्व’, ‘कामायनी’, ‘वन मिलन’…
गजानन माधव मुक्तिबोध के कुछ उद्धरण :: तथ्य का अनादर करना, छुपाना, उससे परहेज करके दिमागी तलघर में डाल देना न केवल गलत है, वरन् उससे कई मानसिक उलझनें होती हैं। • मुझे लगता कि मन एक रहस्यमय लोक है।…
