कहानी :: परवीन फैज़ जादा मलाल अनुवाद और प्रस्तुति : श्रीविलास सिंह “यह पूरे चार किलो है।” जब उसने ये शब्द सुने, उसके होंठो पर एक मुस्कराहट फैल गयी और उसने अपने छोटे से बेटे की ओर देखा….. दुकानदार ने…

Continue Reading

कविताएँ :: सपना भट्ट पुस्तकालय में स्त्री  दुनिया का सबसे सुंदर दृश्य है पुस्तकालय में अपनी धुन में डूबी और तन्मय होकर पढ़ती हुई एक स्त्री को देखना। मन पसन्द किताब ढूंढती हुई स्त्री को दुनिया के किसी मानचित्र की…

Continue Reading

समीक्षा :: ‘तख़्तापलटः तीसरी दुनिया में अमेरिकी दादागिरी’ जाने-माने पत्रकार-इतिहासकार विजय प्रशाद की अंग्रेजी किताब ‘वॉशिंगटन बुलेट्स’ का हिंदी अनुवाद है। इसके अनुवादक हैं- कवि-कथाकार संजय कुंदन। यह किताब एक तरह से द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद का संक्षिप्त विश्व इतिहास…

Continue Reading

कविताएँ :: प्रत्यूष चन्द्र मिश्रा ताकत मैं एक पहाड़ के पास गया और पाया कि अगाध करुणा से भर गया हूँ मैं मैं एक नदी के पास गया और पाया कि उसकी कोमलता मेरे भीतर प्रवेश कर रही है मैं…

Continue Reading