लेख :: अंत का दृश्य और अदृश्य : अंचित सब जानते हैं पासों का पलटना तय है सब जानते हैं और फिर भाग्य पर दांव लगाते हैं सब जानते हैं युद्ध ख़त्म हो गया सब जानते हैं अच्छे लोग हार…
पाठ :: प्रभात प्रणीत हमारे दर्शन, यथार्थ और स्वप्न स्वाभाविक तौर पर हमें, हमारी मनःस्थिति को अपने बस में रखते हैं, हम इनसे उलझते हैं, प्रेरित होते हैं, संघर्ष करते हैं. एक हद तक हमारा संपूर्ण अस्तित्व इस प्रक्रिया की…
चार्ल्स बुकोविस्की की कविताएँ : अनुवाद एवं प्रस्तुति : तनुज 16 अगस्त 1920 को मशहूर अमेरिकी-जर्मन कवि चार्ल्स बुकोविस्की का जन्म हुआ था। उनका लेखन उनके गृह नगर लॉस एंजिल्स के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिवेश से प्रभावित रहा था।…
Poems :: Priya Priyadarshni Lost Life was lingering like a lost river. Through the dense forest. Inadequately, fragments of faces, Desperately looking for a way out. The more I try to find the meaning, The more lost I find myself….
Poems :: Shristi 1. I eloped every morning from a life of uncountable days, To count a few of them, Under the shadow of love, of failures, of excitements, of darkness, of solitude and loneliness, Love disgusted me and intrigued…
