नोबेल व्यक्तव्य :: एली वीसल अनुवाद व प्रस्तुति : आनंद सिंह एली वीसल का जन्म रोमानिया में हुआ था. उन्होंने हॉलकॉस्ट झेला था और यातनागृहों में रहे थे. जब 1986 में उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया गया तो समिति ने उन्हें…
कुछ भोजपुरी कविता :: संतोष पटेल अच्छा दिन केने बा ? अच्छा दिन केने बा ? केहू देस में खोज के निकालत बा केहू विदेस में खोजत बा इहे का कम बा ? जे सभे अच्छा दिने के सपना में…
श्वेत रव :: कविता : अपर्णा अनेकवर्णा वरिष्ठ चित्रकार अखिलेश जी के आदिवासी कलाकार जनगढ़ पर लिखे आलेख को पढ़ने के बाद बहुत बेचैनी रही. उसी बेचैनी में यह सब लिखा : मछलियाँ अपनी अन्धी आँखों से ताकती हैं रहस्य…
Poem :: Raushan Shridhar They can’t be harmed Sun cannot un-colour them, Who colour our land. All breaths rely on them Till their last breath. Pain of theirs for us is no pain – we have lost those views running the…
शारदा झाक किछु मैथिली कविता :: यात्रा हम की द’ सकैत छियह तोरा रोटी, कपड़ा, मकान, आस, विश्वास? भ’ सकैत अछि ई सबटा मात्र बोल होअह तोरा लेल ढनढनाइत खाली फोकला शब्दक अमार मुदा जखन हम दैत छियह तोरा अपन संवेदनाक…
