कविता-भित्ति :: कर्मवीर : अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ (15 अप्रैल, 1865 – 16 मार्च, 1947) हिंदी काव्य-संसार के सुप्रतिष्ठित हस्ताक्षर हैं। निजामाबाद जिला- आजमगढ़ (उत्तरप्रदेश) के निवासी हरिऔध आरंभ में ब्रजभाषा में कविताएँ लिखते थे और…
कविताएँ :: अनुराग अनंत 1). एक बरसात से दूसरी बरसात तक जाते हुए बीच में मिलती है सर्दी और गर्मी बहुत से लोग, उनकी प्यास उदास कुत्ते और उनकी भूख बेहाल परिंदे और उनके क्षतिग्रस्त पंख एक नदी और उसकी…
कविता-भित्ति :: माखनलाल चतुर्वेदी की कविता: ‘कितनी मौलिक जीवन की द्युति’ माखनलाल चतुर्वेदी (४ अप्रैल १८८९-३० जनवरी १९६८) का जन्म मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में बाबई नामक स्थान पर हुआ था। वे ओजस्वी भाषा के कवि, लेखक और प्रतिष्ठित…
कविता-भित्ति :: मैथिलीशरण गुप्त की यशोधरा से एक काव्य-खंड सखि, वसन्त-से कहाँ गये वे, मैं उष्मा-सी यहाँ रही। मैंने ही क्या सहा, सभी ने मेरी, बाधा-व्यथा सही। तप मेरे मोहन का उद्धव धूल उड़ाता आया, हा! विभूति रमाने का भी…
Poem :: Prakriti Parth I’ve witnessed the nights They’re nothing like the ones spoken of in the poems Nights aren’t quiet They’re full of voices, words and noises. I’ve heard the hooting owl fly across the window on some nights…
