कविता :: प्रशांत विप्लवी बोलीविया और कोस्टारिका के लोगों मैं मेराडोना हूँ आश्वस्त रहो मुझ पर विश्वास करो मैं उन तमाम देशों का भी प्रतिनिधित्व करता हूँ जिन्हें फुटबॉल खेलने से रोका जाता है जिन्हें फुटबॉल से प्यार है जिनके…

Continue Reading

कविताएँ :: रोमिशा आदिम गीत उसको देखते ही मोरपंखी सी लौ काँप उठी मन में ठीक वैसे ही जैसे हवा के छूते ही काँपता है कोई पत्ता और मेरी डबडबाई आँखें उसके खुले ओंठो को चूमकर गाने लगी एक गीत…

Continue Reading

कविता :: वायलिनें : महमूद दरवेश अनुवाद : अंचित महमूद दरवेश किसी परिचय के मोहताज नहीं है. हिंदी में उनकी कई कविताएँ पहले ही अनूदित हैं. एड्वर्ड सईद पर लिखी उनकी लम्बी कविता जलसा में छपी थी. समय समय पर…

Continue Reading

कविताएँ :: निज़ार क़ब्बानी अनुवाद एवं प्रस्तुति : श्रीविलास सिंह निज़ार तौफीक कब्बानी का जन्म 21 मार्च 1923 को दमिश्क, सीरिया में हुआ था। वे सीरिया के नागरिक थे। वे अरब दुनिया के बीसवीं सदी के सर्वाधिक सम्मानित कवियों में…

Continue Reading

कविताएँ :: देवेश पथ सारिया इसलिए देखते हैं वो किताब अनुपम बनर्जी अकेले ऐसे हैं, उन सबमें जो बिना अटके, बिना भूले गा सकते हैं हिंदी-बंगाली के लम्बे-लम्बे गीत गूगल पर लिरिक्स नहीं देखते वो इस पंडाल के कामचलाऊ पुरोहित…

Continue Reading