कविताएँ :: तनुज ज्योति के लिए वसंत आँखों को चुभता हुआ पार हो रहा है, एक भारी दरार आ चुकी थी मेरे माथे के ऊपर तुमने फेरी थी जिस दिन दुनिया की सबसे मुलायम उंगलियाँ बहुत कम उम्र में बहुत…

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संस्मरण :: कवि रमाकान्त रथ से मिलना : सतीश नूतन ‌हम श्रद्धा से जब कोई कार्य ठान लेते हैं तो प्रतिफल निश्चित ही अच्छा होता है। उड़ीसा जाना-आना लगा रहता है और साहित्यजीवी होने के कारण स्वतः ही एक नाता…

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स्त्री संसार :: कविताएँ : ऐन सेक्सटन अनुवाद, चयन एवं प्रस्तुति : प्रकृति पार्थ अमेरिकी कवयित्री ऐन सेक्सटन का जन्म 9 नवंबर, 1928 में हुआ। वे अमेरिका की प्रसिद्ध कन्फेशनल कवियों में से एक हैं। पूरी उम्र अवसाद से जूझती…

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कविताएँ :: कैलाश मनहर धतूरे का फूल धतूरे के फूल को निहार रहा हूँ बहुत देर से छोटी-सी सफेद दुंदुभि खुल-खिल रही है पँखुड़ियाँ दमक रही हैं पूरी श्वेताभा के साथ मैं स्वयं को रोक पाने में असमर्थ हूँ अभी…

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कविताएँ :: सत्यम तिवारी डंडी तराजू-बटखारे में उलझे हुए हैं तुम्हारे हाथ किसी के हाथ में पतंग है कोई एम्बुलेंस से हाथ हिलाता है किसी का हाथ कट चुका है तुम्हारे जीवन में से ये किसने डंडी मार ली? नौसिखिया…

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