न से नारी :: उद्धरण : अनाईस नीन अनुवाद एवं प्रस्तुति : सृष्टि अनाईस नीन एक फ्रेंच – क्यूबन – अमेरिकन लेखिका थीं। इन्होंने ज़्यादातर डायरी और जर्नल की विधा में काम किया। नीन साहित्य जगत में अपने प्रेमकाव्य की…

Continue Reading

कविताएँ :: विजय बागची सूखे फूल जो पुष्प अपनी डाली पर ही सूखते हैं, वो सिर्फ एक जीवन नहीं जीते, वो जीते हैं कई जीवन एक साथ, और उनसे अनुबद्ध होती हैं, स्मृतियाँ कई पुष्पों की, जो रहीं अपूर्ण, असंतृप्त;…

Continue Reading

कविताएँ :: शुभम नेगी मैं गिरा हूँ माँ की कोख से ठीक-ठीक कहाँ कहा जा सकता है कि गिरता हुआ आदमी टकरा ही जाएगा फ़र्श से कभी हो सकता है गिरना एक सतत प्रक्रिया हो! सब जन्मते हैं मैं गिरा…

Continue Reading

कविताएँ :: आदर्श भूषण  युद्ध से पहले इबादतगाहों में― सजीव प्रार्थनाएँ थीं ईश्वर के पास नहीं थी करुणा दफ़्तरों से― जा चुके थे खटुआ कर्मचारी और ग़ायब हो गया था एक रोज़नामचा हाज़िरी की फ़ाइलों पर पुस्तकालयों में― दीमक चाट…

Continue Reading

कहानी:: फ्रांज़ काफ़्का हिंदी अनुवाद: श्रीविलास सिंह ऐसा लगता है कि हमारे देश की सुरक्षा व्यवस्था में बहुत बातों की अनदेखी की गयी है। अभी के पहले तक इस बात के प्रति हम स्वयं कभी चिंतित नहीं हुए थे और…

Continue Reading