कहानी :: अविनाश पीड़ा का एक शाश्वत सिद्धांत है कि उसकी तय समय-सीमा होती है, जिसके बाद वह निर्जीव हो जाती है. बड़ी से बड़ी दुर्घटना के बाद भी आपके पास स्मृति के कुछ छींटे रहते हैं जिनके साथ आप…
कविताएँ :: शंकरानंद इस बारिश में चकाचौंध से भरी दुनिया में मौके बहुत हैं मुस्कुराने के लिए मगर उस मन का क्या जो अभी बारिश नहीं सुकून की तलाश में बेचैन है रंगों से भरी दुनियां में बेरंग मन कांपता…
कविताएँ :: पुरु मालव यात्रा मेरे चलते रहने से चल रही है ये दुनिया जो मेरे रुकने से रुक जायेगी मैं पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो निगाह दूर तक चली जाती है दूर चले गए लोग दूर से भी…
कविताएँ :: अशोक कुमार आठवां रंग अभी-अभी एक तितली उड़ी है वह दूर दिख रहे उस इंद्रधनुष में- आठवां रंग भरना चाहती है. उसकी इस मासूम चाहना में शामिल हो गया है सूरज बादलों ने और भी बारीक कर दिये…
कविता :: आगा शाहिद अली अनुवाद : अंचित शाहिद की माँ का इंतक़ाल अमेरिका में हुआ था. कैन्सर से. शाहिद, उनके पिता और उनके भाई बहन , अमेरिका से माँ को कश्मीर लेकर आए. शाहिद चार साल लगभग उसी तरह के…
