कविताएँ :: रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ कविता और लाठी तुम मुझसे हाले-दिल न पूछो ऐ दोस्त! तुम मुझसे सीधे-सीधे तबियत की बात कहो. और तबियत तो इस समय ये कह रही है कि मौत के मुंह में लाठी ढकेल दूं, या…
न से नारी :: कविताएँ : मीना कंदासामी अनुवाद एवं प्रस्तुति : स्मृति चौधरी मीना कंदासामी की कविताएं हमारे समाज में अंतर्निहित जाति–व्यवस्था के खिलाफ प्रतिरोध हैं. जातिवाद और पितृसत्ता से पीड़ित, कंदासामी अपनी कविताओं में एक दलित महिला होने…
कविताएँ:: भगवत रावत भगवत रावत हिन्दी के प्रसिद्ध कवि हैं. उनके कई कविता संग्रह प्रकाशित हैं और इनकी कविताएँ रूसी भाषा में अनूदित हैं. इनके ‘समुद्र के बारे में’, ‘दी हुई दुनिया’ , ‘हुआ किस तरह’ आदि कविता संग्रह प्रकाशित…
कविता : जीवकान्त मैथिली से अनुवाद : तारानंद वियोगी जीवन के रास्ते नहीं, ज्यादा रंग नहीं बहुत थोडा-सा रंग लेना रंग लेना जैसे बेली का फूल लेता है शाम को रंग लेना बस जितना जरूरी हो जीवन के लिए रंग…
स्त्री-संसार :: कविता : वारसन शायर अनुवाद और प्रस्तुति : प्रकृति पार्थ लंदन में रहने वाली कवि, लेखक, संपादक, शिक्षक और कार्यकर्ता वारसन शायर का जन्म केन्या के नैरोबी में हुआ था. उनके टीचिंग माई मदर हाउ टू गिव बर्थ…
