सम्पादकीय :: प्रभात प्रणीत संस्था प्रमुख महोदय, नमस्कार आशा है कोविड संक्रमण से मुक्त होने के बाद आप अब पूर्ण स्वस्थ होंगे. कल आपको एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते देखकर अच्छा लगा, आप उन खुशनसीबों में से हैं जो…

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कोरोना-साहित्य :: कविताएँ : संजय कुंदन इतनी रोशनी इतनी रोशनी लेकर क्या करें जो चुंधिया रही आंखें जिसमें नहीं दिखता कोई रास्ता मुट्ठी भर लोगों को बहुत-बहुत रोशनी चाहिए योद्धा इसमें अपनी कीर्ति की कौंध देखते हैं थैली शाह निहारते…

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न से नारी :: उद्धरण : कमला भसीन अनुवाद और प्रस्तुति : प्रकृति पार्थ कमला भसीन ( जन्म : 24 अप्रैल 1946) एक भारतीय नारीवादी कार्यकर्ता, कवि, लेखिका तथा सामाजिक विज्ञानी हैं। लैंगिक असमानता की प्रकृति एवं कारणों को समझना…

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कविताएँ :: कुमार मंगलम इब्ने-मरियम हुआ करे कोई (उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ के सरोद को और उनके घर को जो एक प्रदर्शन-स्थल था, को बांग्लादेश में 28 मार्च 2021 को कट्टरपंथियों द्वारा जला दिया गया।) 1. जो रखा था वहाँ वह…

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न से नारी :: उद्धरण : बेल हुक्स अनुवाद और प्रस्तुति : प्रिया प्रियादर्शनी बेल हुक्स का वास्तविक नाम ग्लोरिया जीन वॉटकिंस हैं। वह एक अमेरिकी लेखिका, प्रोफ़ेसर, स्त्रीवादी और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनके कार्यों में मेरी रूचि तब बढ़ी जब…

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