‘मेरा दागिस्तान’ से कुछ उद्धरण :: प्रस्तुति :: स्मृति चौधरी रसूल हमजातोव ने कहा था “कविगण इसलिए पुस्तकें लिखते हैं कि लोगों को युग और अपने बारे में, आत्मा की हलचल के बंध में बांध सकें, उनको अपनी भावनाओं और…
गद्यांश :: निर्मल वर्मा निर्मल वर्मा (३ अप्रैल १९२९- २५ अक्तूबर २००५) हिंदी के लब्धप्रतिष्ठ उपन्यासकार होने के साथ-साथ एक अच्छे निबंधकार भी रहे हैं. उनकी रचनाओं ने समय और इतिहास की कई परतों को समझने में अपनी एक विशिष्ट…
BOOK REVIEW : SMRITI CHOUDHARY It is universally acknowledged that childhood and adolescence are the formative years of a person. Our family, the language we learn, and the culture that props out from it, our schooling and all other areas…
उद्धरण :: अज्ञेय चयन और प्रस्तुति : उत्कर्ष अज्ञेय हिंदी कविता के प्रमुख हस्ताक्षरों में से एक हैं जिन्होंने प्रयोगवाद और नई कविता को साहित्य जगत से जोड़ने का प्रभावी कार्य किया। वह कवि, कथाकार और निबंधकार होने के साथ…
राजकमल चौधरीक किछु मैथिली कविता :: हम कविता लिखइ छी, सदत अपना हेतु मात्र अपनेटा हेतु… अहिपन अहिपन मे नहि लिखू फूल पात-लता-चक्र हे स्वप्न-संभवा कामिनी, आब नहि घोरू सिनूर आ उज्जर पिठार! जखन पूर्णिमेक साँझ मे चन्द्रमा भ’ गेल…
