भगवतीचरण वर्मा के कुछ उद्धरण :: भगवतीचरण वर्मा (३० अगस्त १९०३ – ५ अक्टूबर १९८८) हिंदी के ख्यात लेखकों में से हैं. हिंदी कविता में छायावाद के बाद रचनाकर्म में अभूतपूर्व बदलाव लाने में और इसे नई दृष्टि देने में इन्होनें बड़ी भूमिका निभाई है….

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‘मेरा दागिस्तान’ से कुछ उद्धरण :: प्रस्तुति :: स्मृति चौधरी रसूल हमजातोव ने कहा था “कविगण इसलिए पुस्तकें लिखते हैं कि लोगों को युग और अपने बारे में, आत्मा की हलचल के बंध में बांध सकें, उनको अपनी भावनाओं और…

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गद्यांश :: निर्मल वर्मा निर्मल वर्मा (३ अप्रैल १९२९- २५ अक्तूबर २००५)  हिंदी के लब्धप्रतिष्ठ उपन्यासकार होने के साथ-साथ एक अच्छे निबंधकार भी रहे हैं. उनकी रचनाओं ने समय और इतिहास की कई परतों को समझने में अपनी एक विशिष्ट…

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उद्धरण :: अज्ञेय चयन और प्रस्तुति : उत्कर्ष अज्ञेय हिंदी कविता के प्रमुख हस्ताक्षरों में से एक हैं जिन्होंने प्रयोगवाद और नई कविता को साहित्य जगत से जोड़ने का प्रभावी कार्य किया। वह कवि, कथाकार और निबंधकार होने के साथ…

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