कविता-भित्ति:: प्रेम: ठाकुर गोपालशरण सिंह ठाकुर गोपालशरण सिंह (01 जनवरी 1891 – 02 अक्तूबर 1960) का जन्म रीवा, मध्य प्रदेश में हुआ था। उनकी गणना द्विवेदी युग के प्रतिनिधि कवियों में की जाती है। मानवी (1938), माधवी (1938), ज्योतिष्मती (1938),…
उद्धरण :: निर्मल वर्मा चयन और प्रस्तुति : उत्कर्ष निर्मल वर्मा ( जन्म 3 अप्रैल 1929, शिमला, हि. प्र. – निधन 25 अक्तूबर 2005, दिल्ली ), यह नाम हिंदी साहित्य-जगत में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। अपनी तरह का…
न से नारी :: कविता : कमला दास अनुवाद एवं प्रस्तुति : स्मृति चौधरी कमला दास का परिचय सिर्फ उनके एक नाम के आधार पर देना अधूरा रहेगा। वो माधवीकुट्टी भी थीं, और आमि भी, और अपने जीवन के अंतिम…
फागुन के रूप-सौंदर्य को कवियों ने अपनी रचनाओं में बड़ी तत्परता और कुशलता से सहेजा है। होली के रंग से भरे कविताओं के कलेवर से हमारा साहित्य-जगत सम्पन्न तो है ही, यह फागुन के आंतरिक और आँचलिक उत्सव को बड़ी…
कविताएँ :: तनुज मुक्तिबोध की बीड़ी मैं पी रहा हूँ विभागाध्यक्ष की अनुपस्थिति में विभागाध्यक्ष के कमरे में मुक्तिबोध की वे बीड़ियाँ जो वह छोड़ गए थे दशकों पहले – (क्षमा याचना, नहीं आ पाऊंगा कविता पाठ के लिए )…
