कविताएँ :: रोमिशा आदिम गीत उसको देखते ही मोरपंखी सी लौ काँप उठी मन में ठीक वैसे ही जैसे हवा के छूते ही काँपता है कोई पत्ता और मेरी डबडबाई आँखें उसके खुले ओंठो को चूमकर गाने लगी एक गीत…
कविता :: वायलिनें : महमूद दरवेश अनुवाद : अंचित महमूद दरवेश किसी परिचय के मोहताज नहीं है. हिंदी में उनकी कई कविताएँ पहले ही अनूदित हैं. एड्वर्ड सईद पर लिखी उनकी लम्बी कविता जलसा में छपी थी. समय समय पर…
कविताएँ :: निज़ार क़ब्बानी अनुवाद एवं प्रस्तुति : श्रीविलास सिंह निज़ार तौफीक कब्बानी का जन्म 21 मार्च 1923 को दमिश्क, सीरिया में हुआ था। वे सीरिया के नागरिक थे। वे अरब दुनिया के बीसवीं सदी के सर्वाधिक सम्मानित कवियों में…
कविताएँ :: देवेश पथ सारिया इसलिए देखते हैं वो किताब अनुपम बनर्जी अकेले ऐसे हैं, उन सबमें जो बिना अटके, बिना भूले गा सकते हैं हिंदी-बंगाली के लम्बे-लम्बे गीत गूगल पर लिरिक्स नहीं देखते वो इस पंडाल के कामचलाऊ पुरोहित…
कविता :: सूचना : डेविड इग्नातोव अनुवाद, स्वर एवं प्रस्तुति : यादवेन्द्र निजी अनुभूतियों की तुलना में सामूहिक खुशियों, क्रोध और हताशाओं को स्वर देने वाले कवि डेविड इग्नातोव (अमेरिका,1914-1997) रूस से विस्थापित माता पिता की संतान थे और जीविका…
