रोबर्ट फ्रॉस्ट की कविताएँ :: अनुवाद और प्रस्तुति : उत्कर्ष रोबर्ट फ्रॉस्ट (मार्च २६, १८७४ – जनवरी २९, १९६३) अमेरिका के जाने-माने कवियों में गिने जाते हैं. उन्हें ग्राम्य-जीवन को अपनी कविताओं में बखूबी चित्रित करने और सामाजिक विषयों की…
लेख :: संजय कुंदन नामवर सिंह ( 28 जुलाई, 1926- 19 फ़रवरी 2019 ) हिंदी साहित्य के लब्धप्रतिष्ठ हस्ताक्षर थें, जिन्होंने आलोचना को रूढ़िवादिता के आवरण से निकालते हुए उसे आधुनिकता की समानांतर रेखा में लाकर खड़ा किया. उनका जीवन…
कविताओं की बात:: केदारनाथ सिंह को पढ़ते हुए : उत्कर्ष बुनाई, नदी, भाषा, शहर, लोग, प्रकृत्ति और गर्म हाथों का महात्म्य. ” मैं पिछली बरसात से उसे देख रहा हूँ वह वहाँ उसी तरह खड़ा है टूटा हुआ…
फ़िल्म-समीक्षा :: सुधाकर रवि एक दृश्य है जहाँ मुख्य पात्र क्लेओ समंदर में डूब रहे अपनी मालकिन के दो बच्चों को बचाने जाती है. क्लेओ को तैरना नहीं आता, और संभव है वह खुद भी डूब जाए, लेकिन बारी-बारी वह…
लेख:: सोने की चिड़िया : प्रभात रंजन प्रणीत हमारे देश को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था, क्या सच में ऐसा था? क्या सच में कभी यह देश इतना विकसित और समृद्ध था कि पूरी दुनिया हम पर रश्क करती…
