कविताएँ :: अमन त्रिपाठी 1. नगरपालिका चुनाव का वोट मांगने विधायक की सुंदर तन्वंगी बहू का घर में जब उल्लसित उमंगित प्रवेश हुआ उसकी हँसी से आंदोलित होकर घर की स्त्रियाँ यूँ खड़ी हो गईं मानो अपने ही बीच…
कविताएँ:: ललन चतुर्वेदी मेरी प्रेमिका दुर्ग में रहती है कोई जरूरी नहीं कि जीवन में किसी एक आदमी से ही प्यार हो वह कहती रहती है कि जीवन में प्यार का विस्तार हो इतनी उदारमना मेरी मित्र दुर्ग में…
कविताएँ:: रामकृष्ण पांडेय रामकृष्ण पांडेय (1949-2009) सबसे पहले हिंदी के कवि थे। उन्होंने अनगिनत अनुवाद किए- बांग्ला से, फ़िलिस्तीनी से और दुनिया की कई भाषाओं के साहित्यकारों को हिंदी समाज के लिए सुलभ बनाया। वे बढ़िया पत्रकार भी थे, उस…
समीक्षा:: सुशील कुमार भारद्वाज संदर्भ:: अवधेश प्रीत का उपन्यास ‘रुई लपेटी आग’ फिलवक्त जब एक तरफ रूस-यूक्रेन के बीच लम्बे अरसे से युद्ध चल रहा है तो दूसरी तरफ चीन-ताइवान आमने–सामने की स्थिति में हैं और इस युद्धोन्माद में…
डायरी :: तोषी पांडेय मुझे इस नए शहर में आये दो महीने हो चुके हैं और हमारी समूची जेनेरेशन- जिसे न करियर में कुछ समझ आ रहा है और न ही प्रेम में वाले बोझ को लिए हज़ारों बोझिल चहेरे…
