कविताएँ :: कपिल भारद्वाज 1. मेरे देश एक निर्णय करना ही होगा तुम्हें कि चाँद सिर के ऊपर से जब गुजरे तो उसके दोनों सींग पकड़कर अपने कमरे में घसीट लाओ और तब तक बंदी बनाकर रखो जबतक पक्षियों का…

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आलेख :: उपांशु भारत में हुए हालिया किसान आंदोलन को कई तरह से पढ़ा गया है। उन पाठों में एक पाठ यह भी है जो किसान आंदोलन के आसपास की परिस्थिति को लेखक के शब्दों को ‘अनपैक’ करता है। यह…

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कविता :: कैरोलिन फोर्शे अनुवाद : अंचित इल्या कमिन्स्की यूक्रेनियन-अमेरिकी कवि हैं. कैरोलिन फ़ोर्शे अमेरिकी कवि हैं और यह कविता उनके संग्रह “इन द लेटनेस ऑफ़ द वर्ल्ड: पोअम्ज़” से ली गयी है.    “निर्वासन”: इल्या कमिन्स्की के लिए तुम्हारे…

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