कविताएँ :: देवेश पथ सारिया विद्रोही तगड़ा कवि था (रमाशंकर यादव विद्रोही के लिए) ओ आदिवासी, मेरे वनवासी ओ नर-वानर जेएनयू के बीहड़ में घूमते पेड़ों के नीचे सोते खांसते, बलगम थूकते थकती रही देह तुम्हारी तुम्हारे दम तोड़ने के…

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डायरी :: तोषी पांडेय आज से ४ साल पहले मेरे थेरिपिस्ट ने यह घोषित कर दिया था की मुझे पी टी एस डी है. यानि पोस्टट्रामेटिक डिसऑर्डर. आज से चार साल पहले ये जानना और अब उसको पलट के देखना…

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कविताएँ :: पाब्लो नेरूदा अनुवाद एवं लेख : रामकृष्ण पाण्डेय नेरूदा का अनुवाद अनुवाद कर्म को कुछ लोग हेय दृष्टि से देखते हैं। और कुछ लोग प्रशंसा के भाव से। मुझे लगता है कि अनुवाद करना एक सामाजिक कृत्य है।…

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उद्धरण : जूलिया क्रिस्तेवा अनुवाद एवं प्रस्तुति : सृष्टि जूलिया क्रिस्तेवा प्रसिद्ध दार्शनिक, विचारक, आलोचक और मनोविश्लेषक हैं. हाल के दिनों में उन्होंने एक उपन्यास भी लिखा है. उन्होंने बार्थ जैसे बड़े भाषा विज्ञानी-चिंतकों के साथ काम किया है और उनके…

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