न से नारी :: उद्धरण : जर्मेन ग्रियर अनुवाद एवं प्रस्तुति :  प्रकृति पार्थ जर्मेन ग्रियर (जन्म 1939) का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ था और अब वे इंग्लैंड में रहती हैं. उनकी पुस्तक ‘द फीमेल यूनक‘ (1970) के प्रकाशन ने…

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सुमित झा की कविताएँ : तुम्हारे शहर में   1. लौट कर आने के बाद चीजें वैसी नहीं मिलती पटना घूमते हुए पाया कि यहाँ की भागती दौड़ती सड़कों पर लोगों की भीड़ में मैं अब अकेला हूँ. मेरी हथेलियाँ ढूंढती…

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सम्पादकीय : अंचित समय के गुज़रने, कुछ बीत जाने और कुछ नया आने, इतिहास की गति और यह कि कोई यात्रा चल रही है, कि हम कहीं जा रहे हैं— मानव विकास की यात्रा में यह भी कोई स्टेज है,…

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न से नारी :: उद्धरण : ग्लोरिया स्टाइनम अनुवाद और प्रस्तुति : प्रिया प्रियादर्शिनी ग्लोरिया स्टाइनम एक अमेरिकी स्त्रीवादी पत्रकार और सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं.  1969 में, स्टाइनम ने ‘न्यूयॉर्क मैगजिन’ के अपने एक स्तम्भ में एक लेख प्रकाशित किया,…

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कविताएँ :: देवेश पथ सारिया विद्रोही तगड़ा कवि था (रमाशंकर यादव विद्रोही के लिए) ओ आदिवासी, मेरे वनवासी ओ नर-वानर जेएनयू के बीहड़ में घूमते पेड़ों के नीचे सोते खांसते, बलगम थूकते थकती रही देह तुम्हारी तुम्हारे दम तोड़ने के…

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