कविताएँ :: प्रभात ऐसा क्या हो गया ऐसा क्या था कि वह मुझे देखे बिना रह नहीं सकती थी ऐसा क्या था कि मैं उसे देखे बिना रह नहीं सकता था ऐसा क्या था कि वह मेरे ही बारे में…
उद्धरण : आंद्रे आसिमान चयन, अनुवाद और प्रस्तुति : अंचित आंद्रे आसिमान इतालवी-अमेरिकन लेखक हैं और अमेरिका में रहते, पढ़ाते हैं। ‘कॉल मी बाई योर नेम’ उनका चर्चित उपन्यास है। यह सत्रह साल के लियो और चौबीस साल के ऑलिवर…
कविता-भित्ति :: सागर के उस पार : गयाप्रसाद शुक्ल ‘सनेही’ गयाप्रसाद शुक्ल ‘सनेही (१८८३-१९७२) का जन्म उत्तर प्रदेश राज्य के उन्नाव जिले के हडहा गाँव में हुआ था। इन्होंने प्रारंभिक शिक्षा के दौरान ही हिंदी, उर्दू और फ़ारसी का ज्ञान…
कविताएँ :: सागर मेरे पास जवाब है कुछ भी नया नहीं रहता हरेक नया, किसी भी वक्त पुराना हो सकता है न्यूनतम समय की देरी, किसी बहुत नए को किसी से पुराना बताने में सक्षम है, सवाल यह है कि…
कविताएँ :: विजय राही उदासी फूलों के खिलने का एक मौसम होता है और मुरझाने का भी लेकिन कुछ फूल ऐसे होते हैं— जिनके खिलने का कोई मौसम नही होता जिनके मुरझाने का कोई सबब नही होता वे अनायास मुरझा…
