कविता-भित्ति :: ‘सज्जन’ और ‘प्रेम’ : रामनरेश त्रिपाठी रामनरेश त्रिपाठी (4 मार्च, 1889 – 16 जनवरी, 1962) का जन्म उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के ग्राम कोइरीपुर के एक कृषक परिवार में हुुुआ। पं. त्रिपाठी ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में ग्रहण…
कविताएँ :: आदित्य रहबर मीडिया वो आदमी के जैसा दिखता है लोग कहते भी हैं उसके हाथ, देह और चाल-ढ़ाल भी बिल्कुल आदमी जैसे ही हैं समाज के लोगों ने उसे आईने की संज्ञा दे रखी है कहते हैं— सब…
नए पत्ते :: कविताएँ : विभा परमार उदासी चूंकि सर्दियों का उदास मौसम अब जा चुका है और अपने पीछे छोड़ गया है पतझड़, जो झड़ रहा है क्षण-क्षण शायद इस क्षण-क्षण में मैं भी झड़ी जा रही हूँ उन सूखी…
कविताएँ :: प्रभात ऐसा क्या हो गया ऐसा क्या था कि वह मुझे देखे बिना रह नहीं सकती थी ऐसा क्या था कि मैं उसे देखे बिना रह नहीं सकता था ऐसा क्या था कि वह मेरे ही बारे में…
उद्धरण : आंद्रे आसिमान चयन, अनुवाद और प्रस्तुति : अंचित आंद्रे आसिमान इतालवी-अमेरिकन लेखक हैं और अमेरिका में रहते, पढ़ाते हैं। ‘कॉल मी बाई योर नेम’ उनका चर्चित उपन्यास है। यह सत्रह साल के लियो और चौबीस साल के ऑलिवर…
