कविताएँ :: आदित्य प्रकाश वर्मा  चाँद पर कविता कवि ने लिखी चाँद पर कितनी कविताएं, जब भी कवि और चाँद नजर मिलाते थे, पर अब, कविताएं नहीं है, उनकी नजर मिलती है, पर कविताएं नहीं हैं. चाँद ने भी, बादलों…

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कविताएँ :: योगेश ध्यानी जगह १. उस विशाल कमरे में कितनी कम जगह है जहाँ रहता है कुछ गुलदानों संग एक व्यक्ति सम्पूर्ण विलासिता के साथ. कितनी ज्यादा जगह है रेल के उस तृतीय श्रेणी कोच में जहां ठूँसे हुए…

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कविताएँ :: रूपेश चौरसिया १. प्रिय, मैं तुमसे तब बात करना चाहूंगा जब धरती स्थिर हो जाएगी, रात गहरी नींद में सोई रहेगी, हवाएँ खामोश रहेंगी, चाँद हमारी पहरेदारी करेगा कि कोई आवाज हमसे न टकरा जाए. २. पते पर…

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फ़रोग फ़रुखज़ाद की कविताएँ :: अंग्रेजी से अनुवाद : श्री विलास सिंह “… इन कविताओं का अनुवाद मैंने मूल परशियन के अंग्रेज़ी अनुवाद से किया है। फ़रोग फ़रुखज़ाद (1934-1967) ने केवल बत्तीस वर्ष की अल्प आयु पाई किंतु इसी अवधि…

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कविताएँ :: पवन कुमार वैष्णव कविता माँ है कठोर से कठोर प्रहार भी सह लेता हूँ, कविताओं को लिखता नहीं जी लेता हूँ. मुझसे अधिक सहती हैं मेरी कविताएँ. मैं वह बच्चा हूँ जिसे हर सिसकी में, कविता ने माँ…

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