कविता :: येहुदा आमिखाई अनुवाद एवं प्रस्तुति : अंचित येहुदा आमिखाई (3 मई 1924 – 22 सितम्बर 2000) ईसरायली कवि हैं. उन्होंने हिब्रू में कविताएँ लिखी हैं और सभी बड़ी विश्व भाषाओं में अनूदित हैं. वे मानते रहे कि तमाम…
कविता :: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ स्वर : उपांशु राजे ने अपनी रखवाली की; किला बनाकर रहा; बड़ी-बड़ी फ़ौजें रखीं। चापलूस कितने सामन्त आए। मतलब की लकड़ी पकड़े हुए। कितने ब्राह्मण आए पोथियों में जनता को बाँधे हुए। कवियों ने उसकी…
कविता :: मूंद लो आँखें : शमशेर बहादुर सिंह स्वर : बालमुकुन्द शमशेर बहादुर सिंह (13 जनवरी 1911 — 12 मई 1993) हिंदी के सुपरिचित कवि हैं, जिन्होंने अपनी कलात्मकता को कविता, आलोचना, कहानी, निबंध जैसी साहित्यिक विधाओं में प्रखरता…
कहानी :: जस्ट डांस : कैलाश वानखेड़े मुख्यतः स्वानुभूत और सहानुभूत के अंतर अथवा विपर्यय एवं अम्बेडकरवादी विचारधारा का आधार लेकर दलित साहित्य की तमाम धाराओं, विधाओं और लेखनी को सामान्य या कि कथित मुख्यधारा के साहित्य से अलगाया जाता…
POETRY :: DEMOCRACY : D. H. LAWRENCE RECITATION : SMRITI CHOUDHARY I am a democrat in so far as I love the free sun in men and an aristocrat in so far as I detest narrow-gutted, possessive persons. I love…
