मार्केज के कुछ उद्धरण :: अनुवाद और प्रस्तुति : अंचित लव इन द टाइम्ज़ ऑफ़ कॉलरा, मार्केज की अमर कृति है और एक वैश्विक महामारी के समय में एक आधी शताब्दी से इंतज़ार करते आदमी को उसका प्रेम वापस मिल…
संजय कुंदन की कविता : जा रहे हम प्रस्तुति : अंचित ●●● संजय कुंदन चर्चित कवि-कथाकार हैं। उनसे sanjaykundan2@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।
गद्यांश : अमृता प्रीतम अमृता प्रीतम (१९१९-२००५) हिंदी और पंजाबी भाषा की मशहूर लेखिका हैं, जिनका परिचय उनकी रचनाओं के माध्यम से सशक्त रूप से मिलता है. उनकी रचनाएँ जैसे पिंजर, किसी तारीख़ को, मन मिर्ज़ा तन साहिबां, कच्ची सड़क…
युवराज सिंह की कविताएँ :: नींद, सफर और सपनों की खातिर दरवाजे के पीछे सोती है उम्मीदें किवाड़ के छेदों से झाँकती है नींदे रौशनदान पर बैठी पीली पड़ चुकी पिछली लैम्प-पोस्ट की रौशनी करती है पहरेदारी. खिड़कियाँ झाँकती हैं…
चन्द्र की कविताएँ :: माँ और पिता मैंने छोटी-छोटी बातों पर चिंता करनामाँ से सीखाऔर बड़ी-बड़ी बातों पर गंभीर रहनायह पिताजी से सीखा! मैंने कपिली नदी की तरह मुस्कुरानाऔर कपिली नदी की तरह चुपचाप रोना-माँ से ही सीखा धरती की…
