कहानी :: जस्ट डांस : कैलाश वानखेड़े मुख्यतः स्वानुभूत और सहानुभूत के अंतर अथवा विपर्यय एवं अम्बेडकरवादी विचारधारा का आधार लेकर दलित साहित्य की तमाम धाराओं, विधाओं और लेखनी को सामान्य या कि कथित मुख्यधारा के साहित्य से अलगाया जाता…

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शेखर एक जीवनी से कुछ उद्धरण :: चयन और प्रस्तुति : सुधाकर रवि ‘शेखर एक जीवनी’ को पढ़ने से पहले अज्ञेय की कविताएं और उनके यात्रा संस्मरण से गुजर चुका हूँ। शेखर एक जीवनी बहुत पहले पढ़ लेनी चाहिए थी।…

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नए रास्ते :: साहित्य और कोरोनाकाल : अंचित कोरोना और साहित्य के सम्बन्ध में कुछ सीधा कहने और बोलने से बचता रहा था अभी तक. इधर सत्यम ने अपने चैनल के लिए कुछ बोलने की बात की तो मुझको लगा…

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