युवराज सिंह की कविताएँ :: नींद, सफर और सपनों की खातिर दरवाजे के पीछे सोती है उम्मीदें किवाड़ के छेदों से झाँकती है नींदे रौशनदान पर बैठी पीली पड़ चुकी पिछली लैम्प-पोस्ट की रौशनी करती है पहरेदारी. खिड़कियाँ झाँकती हैं…
चन्द्र की कविताएँ :: माँ और पिता मैंने छोटी-छोटी बातों पर चिंता करनामाँ से सीखाऔर बड़ी-बड़ी बातों पर गंभीर रहनायह पिताजी से सीखा! मैंने कपिली नदी की तरह मुस्कुरानाऔर कपिली नदी की तरह चुपचाप रोना-माँ से ही सीखा धरती की…
कविता : आगा शाहिद अली अनुवाद : अपर्णा अनेकवर्णा आगा शाहिद अली (4 फ़रवरी 1949 – 8 दिसंबर 2001) चर्चित कश्मीरी शायर और कवि हैं. इन्हें अंग्रेजी ग़ज़ल की परंपरा को समृद्ध और स्थापित करने के लिए जाना जाता है….
मिलेना के नाम काफ़्का के ख़त; कुछ अंश अनुवाद और प्रस्तुति : उत्कर्ष फ्रान्ज़ काफ्का बीसवीं सदी के प्रमुख लेखकों में से हैं. उनके लेखन का विस्तार यथार्थ और रहस्य के बीच चहलकदमी करता हुआ आमतौर पर ऐसे चरित्रों के…
पाठकों के नाम ख़त :: प्रिय पाठक, पिछले कुछ समय में इंद्रधनुष कई बड़ी चुनौतियों से जूझता रहा. कई तरह के हमले हुए और लगातार कामों में व्यवधान आते रहे. तकनीक के समय में कई बार नुक़सान पहुँचाना आसान हो…
